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shilajit ke fayde
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शिलाजीत के फायदे (shilajit ke fayde)

शिलाजीत क्या है?

शिलाजीत (Shilajit) एक गाढ़ा, रेज़िन-समान प्राकृतिक पदार्थ है जो मुख्यतः हिमालय व अन्य ऊँचे पर्वतीय क्षेत्रों की चट्टानों से मिलता है। यह सदियों तक पाषाणों के बीच जैव-अपघटन (पौधे, लवण, सूक्ष्मजीव) के कारण बनता है और आयुर्वेद में इसे दीर्घायु व जीवन-शक्ति बढ़ाने वाला माना गया है। पारंपरिक रूप से इसे “यौवन का स्रोत” और “रसायन” के रूप में वर्णित किया जाता है।

शिलाजीत के प्रमुख घटक और यह कैसे काम करता है

शिलाजीत में विशेषकर फुल्विक एसिड (fulvic acid), विविध खनिज (ज़िन्क, आयरन, सेलेनियम आदि), ट्रेस एंटियोक्सिडेंट्स और जैविक अम्ल पाए जाते हैं। फुल्विक एसिड की वजह से इसकी जैव-उपलब्धता बढ़ती है — यानी यह शरीर के द्वारा आसानी से उपयोगी तत्वों को अवशोषित करवाने में मदद करता है। इन घटकों के संयोजन से शिलाजीत में एंटीऑक्सिडेंट, सूजन-रोधी और कोशिका-सुरक्षा से जुड़े गुण देखे गए हैं।

शिलाजीत के प्रमाणित फायदे

1) ऊर्जा और थकान में कमी — क्या कहता है शोध?

कई प्रीक्लिनिकल और कुछ क्लिनिकल अध्ययनों ने दिखाया है कि शिलाजीत माइटोकॉन्ड्रिया के क्रियाकलाप को सहारा देकर ऊर्जा-स्तर बेहतर कर सकता है और थकान (fatigue) के लक्षण कम कर सकता है। कई उपयोगकर्ता रिपोर्ट भी थकान में सुधार बताती हैं, पर बड़े-पैमाने के RCTs अभी सीमित हैं।

2) पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन और प्रजनन स्वास्थ्य

एक नियंत्रित क्लिनिकल ट्रायल में 90 दिनों के उपयोग के बाद पुरुषों में कुल टेस्टोस्टेरोन और फ्री-टेस्टोस्टेरोन दोनों में बढ़ोतरी देखी गई। यह परिणाम पुरुषों की यौन-स्वास्थ्य और ऊर्जा पर सकारात्मक प्रभाव का संकेत देते हैं, पर बड़ा-सैंपल और स्वतंत्र ट्रायल अपेक्षित हैं।

3) स्मृति और संज्ञानात्मक रक्षा

प्रारम्भिक लैब-स्टडीज़ और कुछ प्री-क्लिनिकल रिपोर्ट्स बताती हैं कि शिलाजीत में मौजूद घटक न्यूरो-प्रोटेक्टिव प्रभाव दे सकते हैं और अल्जाइमर-प्रवणता को धीमा करने में मददगार हो सकते हैं। इंसान पर ठोस निर्णायक सबूत अभी सीमित हैं, पर प्रारम्भिक परिणाम प्रोत्साहक हैं।

4) उच्च-ऊंचाई (high-altitude) सहनशीलता

कुछ अध्ययनों ने सुझाव दिया कि शिलाजीत उच्च-ऊँचाई के अनुकूलन में मदद कर सकता है — ऑक्सीजन-क्षमता और थकान-प्रतिरोध में सुधार के निहितार्थ। यह पुराने आयुर्वेदिक उपयोग के अनुरूप भी है।

5) मधुमेह और ग्लूकोज़ पर प्रभाव (प्रारम्भिक)

कुछ शोधों में पाया गया कि शिलाजीत ऑक्सिडेटिव तनाव घटाकर और पैंक्रियाटिक कोशिकाओं पर सकारात्मक प्रभाव डालकर ग्लूकोज़ नियंत्रण में सहायक हो सकता है — पर मानवीय क्लिनिकल प्रमाण सीमित हैं और डायबिटिक व्यक्तियों को डॉक्टर से परामर्श आवश्यक है।

शिलाजीत का इस्तेमाल कैसे करें

सामान्य देखा गया डोज़ (researched ranges): शुद्ध शिलाजीत रेज़िन आमतौर पर 100–500 mg प्रति दिन (पैकेज पर दिए निर्देश के अनुसार) के रूप में उपयोग किया जाता है — पर कई क्लिनिकल ट्रायलों में 250–500 mg/दिन की अवधि पिक दिखी। (डोज़ निर्माता तथा प्रोसेसिंग पर निर्भर करती है)।

फॉर्म चुनना: रेज़िन (resin) सबसे पारंपरिक और प्रभावी मानी जाती है; कैप्सूल/पाउडर सुविधाजनक हैं पर शुद्धता जांचें।

कैसे लें: सुबह खाली पेट या डॉक्टर निर्देशानुसार लें; बहुत अधिक मात्रा न लें। यदि आप गर्भवती/स्तनपान करा रहीं हों, या किसी हार्मोनल दवा पर हों — डॉक्टर से परामर्श जरूरी है।

शिलाजीत से संबंधित सुरक्षा, साइड-इफेक्ट और गुणवत्ता-चेतावनी


कंटामिनेशन खतरा: अनप्रोसेस्ड या घटिया उत्पादों में हेवी-मेटल्स (जैसे सीसा, आर्सेनिक, मरकरी) और माइको-टॉक्सिन मिलने की रिपोर्ट्स हैं — इसलिए केवल प्रमाणित, लैब-टेस्टेड ब्रांड लें। यह सबसे बड़ा सुरक्षा-जोखिम है।

संभावित साइड-इफेक्ट्स: कुछ लोगों में हल्का पाचन-असमर्थन, सिरदर्द, या एलर्जिक प्रतिक्रिया हो सकती है; दुर्लभ पर गंभीर प्रतिक्रियाएँ (anaphylaxis) रिपोर्ट हुई हैं।

कौन-कौन बचें: गर्भवती व स्तनपान कराने वाली महिलाएँ, गंभीर हृदय रोग/किडनी रोग वाले, और बच्चे — बिना डॉक्टर की सलाह के सेवन न करें। जाँचें कि शिलाजीत प्रमाणित टैस्ट रिपोर्ट (Third-party lab test) के साथ हो।

भारत में शुद्ध शिलाजीत कैसे चुनें

  1. लेबल पर “Purified Shilajit / Processed & Lab Tested” लिखा हो।

  2. तीसरे-पक्ष के लैब परीक्षण (Certificate of Analysis) उपलब्ध हो।

  3. ब्रांड का पारदर्शी सोर्स बताएं (हिमालय/कश्मीर/रॉ स्रोत)।

  4. किसी मान्यता-युक्त संस्था का टेस्टिंग सर्टिफिकेट (जैसे NABL accredited lab रिपोर्ट) मिल सके तो बेहतर।

  5. कम्पोजिशन में फुल्विक एसिड की मात्रा बताना श्रेष्ठ।

निष्कर्ष 

शिलाजीत एक प्राकृतिक और बेहद शक्तिशाली आयुर्वेदिक पदार्थ है, जो सही तरीके से उपयोग करने पर शरीर को ऊर्जा, ताकत और मानसिक संतुलन देने में मदद करता है। आज के समय में जब भागदौड़, तनाव और काम का दबाव बढ़ रहा है, शिलाजीत जैसे प्राकृतिक सप्लीमेंट शरीर को अंदर से मजबूत बनाने के लिए एक बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं।

लेकिन याद रखें—शिलाजीत तभी लाभ देता है जब यह शुद्ध, लैब-टेस्टेड और सही मात्रा में लिया जाए। किसी भी सप्लीमेंट की तरह, इसे भी समझदारी से और नियमित रूप से लेना जरूरी है।

अगर आप अपनी एनर्जी, स्टैमिना, इम्युनिटी, फोकस और ओवरऑल हेल्थ को बेहतर बनाना चाहते हैं, तो शिलाजीत आपकी डेली रूटीन में एक बेहतरीन ऐड-ऑन साबित हो सकता है।

अंत में, अपने शरीर की जरूरत को पहचानें, सही प्रोडक्ट चुनें और स्वस्थ जीवन की ओर एक कदम आगे बढ़ाएँ।

शिलाजीत से जुड़े छोटे सवाल–जवाब

Q1: क्या शिलाजीत बढ़िया है थकान के लिए?

Ans: कुछ अध्ययनों और उपयोगकर्ता अनुभव के अनुसार शिलाजीत थकान कम करने में मददगार हो सकता है, पर बड़े-स्तरीय क्लिनिकल प्रमाण सीमित हैं।

Q2: शिलाजीत लेने से टेस्टोस्टेरोन बढ़ता है?

Ans: कुछ क्लिनिकल ट्रायल में सकारात्मक वृद्धि दिखाई गई है, पर नतीजे छोटे अध्ययन पर आधारित हैं — इसलिए सावधानी जरूरी।

Q3: क्या शिलाजीत सुरक्षित है?

Ans: शुद्ध, प्रोसेस्ड शिलाजीत सामान्यत: सहनीय है, पर घटिया उत्पादों में हेवी-मेटल्स का खतरा रहता है — प्रमाणित उत्पाद चुनें।

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I was diagnosed with Parkinson’s disease four years ago. For over two years, I relied on Levodopa and several other medications, but unfortunately, the symptoms kept getting worse. The tremors became more noticeable, and my balance and mobility started to decline quickly. Last year, out of desperation and hope, I decided to try a herbal treatment program from NaturePath Herbal Clinic.
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Greta

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